विज्ञान से जुड़े अनोखे तथ्य जिन्हें शायद आप नहीं जानते।
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विज्ञान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य, जो किताबों में भी नही मिलेंगे।0
सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने के लिए 8 मिनट 17 सेकेंड का समय लगता है तथा इसकी रफ्तार 1 लाख 86 हजार मील प्रति सेकंड है.
धरती 1 हजार मील प्रति सेकंड की रफ्तार से अपनी धुरी पर घूमती है. धरती की अंतरिक्ष में सूर्य के इर्द-गिर्द घूमने की रफ्तार 67 हजार मील प्रति सेकंड है.
हर साल, धरती पर 10 लाख से भी ज्यादा भूकंप आते हैं. 1883 में क्राकाटोआ में ज्वालामुखी में बहुत बड़ा धमाका हुआ था जिससे इस ज्वालामुखी के फटने की आवाज इतनी ज्यादा थी कि इस ज्वालामुखी के फटने की आवाज 4,800 किलोमीटर दूरी पर ऑस्ट्रेलिया में भी सुनाई गयी थी.
पृथ्वी में हर सेकंड आसमानी बिजली 100 बार जमीन से टकराती है और हर साल आकाशी बिजली से 1 हजार लोगों की मौत हो जाती है.
अक्टूबर 1999 में लंदन के आकार का हिमशैल अंटार्कटिक से अलग हो गया था.
अगर आप अपनी कार को सीधे ऊपर की तरफ ड्राइव करते हैं तो आप सिर्फ एक घंटे में ही अंतरिक्ष में पहुंच जायेंगे.
हमारी धरती 5 अरब साल पुरानी है इसके साथ सूर्य और चन्द्रमा भी 4.5 अरब साल पुराने हैं.
अंतरिक्ष यात्री, अंतरिक्ष में डकार नहीं ले सकते- क्योंकि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता जिससे उनकी पेट से गैस बाहर नहीं निकलती और वह अंदर ही रह जाती है.
डीएनए की खोज वर्ष 1869 में स्विस फ्रेडरिक मैस्चलेर द्वारा की गई थी.
अल्फ्रेड नोबेल ने वर्ष 1866 में बारूद की खोज की थी.
हर साल 5 में से 4 लोग इबोला वायरस से पीड़ित होने की वजह से मर जाते हैं.
5 अरब साल बाद सूरज का ईंधन खत्म हो जाएगा और यह एक विशाल लाल गोले की शकल ले लेगा.
हमारे ब्रह्माण्ड में 100 अरब आकाशगंगाएं हैं.
हर घंटे में हमारा ब्रह्मांड एक अरब मील तक फैल जाता है.
थर्मामीटर का आविष्कार 1607 में गैलीलियो द्वारा किया गया था.
क्या आपको पता है कि हाथ मिलाने से इतने कीटाणु स्थानांतरित होते हैं जीतने की चूमने से भी नहीं होते.
“साइंटिस्ट” शब्द सबसे पहले 1833 में सामने आया.
किसी भी प्रकाशित वैज्ञानिक लेख को पढ़ने वालों की संख्या 100 में से औसतन 0.6 होती है.
वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि मुर्गी पहले आई थी न कि अंडा. कारण बताया जाता है कि अंडे के खोल में पाया जाने वाला प्रोटीन सिर्फ मुर्गी द्वारा निर्मित किया जाता है.
वैज्ञानिकों द्वारा हर दिन जीवों-वनस्पतियों की 41 नई प्रजातियों की खोज की जाती है.
वैज्ञानिक विधि “टाक्सिनीरिंग” (toxin-eering) एक ऐसी विधि है, जो जहर को दर्द निवारक दवा में बदल देती है.
वैज्ञानिक पीनट-बटर यानि मूंगफली के मक्खन को हीरे में बदल सकते हैं.
वैज्ञानिकों ने 507 साल पुरानी सीप की खोज की थी, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस सीप को गलती से मार डाला था.
भूकंप की वजह से पानी सोने में बदल जाता है.
आकाशी बिजली के एक बोल्ट में सूरज के सतह से पांच गुणा ज्यादा गर्मी होती है.
सालमन(salmon) मच्छली खाने से आपके बाल तेजी से बढ़ते हैं.
दिमाग पर शराब का असर होने में सिर्फ छह मिनट का समय लगता है.
बारिश के पानी में बी 12 विटामिन होता है.
कुछ परिस्थितियों में गर्म पानी, ठंडे पानी से भी तेजी से बर्फ में तब्दील हो सकता है.
सूरजमुखी के फूलों को रेडियोधर्मी (radioactive) कचरे को साफ करने में इस्तेमाल किया जाता है.
जब एक कठफोड़ा पेड़ पर बार-बार हिट करता है, तब इसका सर पेड़ की तरफ गुरुत्वाकर्षण से 1000 गुणा अधिक ऊर्जा से आगे-पीछे होता है.
आप बर्फ से भी आग उत्पन्न कर सकते हैं.
शोधकर्ताओं का मानना है कि एड्स का पहला मामला 1920 में कांगो के शहर किंशासा में सामने आया था.
अंटार्कटिका में तेजी से बर्फ पिघलने की मुख्य वजह यहां पर गुरुत्वाकर्षण में होने वाला परिवर्तन है.
मधुमक्खीयों को बम खोजने के लिए भी ट्रेन किया जा सकता है.
पृथ्वी के भीतर हो सकते हैं महासागर प्रोफ़ेसर स्टीवेन जेकबसन नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, अमरीका इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsA इस पोस्ट को शेयर करें Messeng इस पोस्ट को शेयर करें Twitter साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट एक हीरे के अंदर पाई गई रहस्यपूर्ण चट्टान ने इस सवाल को अहम बनाया कि पृथ्वी की सतह के नीचे क्या-क्या छिपा है. इस रहस्यपूर्ण चट्टान में पानी के कण मिलना महत्वपूर्ण खोज थी. ये चट्टानें हमें बताती हैं कि पृथ्वी के भीतर, सतह के 500-600 किलोमीटर नीचे सदियों पहले क्या हुआ. और वहां क्या मौजूद है. वैज्ञानिक दशकों से इन सवालों से जूझ रहे हैं कि पृथ्वी पर पानी कैसे आया, महासागर कैसे बनें और क्या पृथ्वी की सतह के नीचे और महासागर छिपे हुए हैं? अब तक मनुष्य ने पृथ्वी की सतह के नीचे जो सबसे गहरा गड्ढ़ा बनाया है वो 10 किलोमीटर तक ही पहुँच पाया है. हम जिस ग्रह पर रहते हैं, उसके बारे में शायद उतना नहीं जानते जितना हम लाखों किलोमीटर दूर मंगल गृह की सतह के बारे में जानते हैं. null आपको ये भी रोचक लगेगा भारत अब गंभीर आर्थिक सं...
हिन्दी ना केवल भारत में बल्कि world की कई countries में भी बोली जाती है और दुनिया में अपना एक अलग स्थान रखती है। आज हिन्दी किस तरह अपनी पहचान बना चुकी है, इसका ताजा उदाहरण हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की latest US यात्रा से जाना जा सकता है। जहां प्रधानमंत्री मोदी ने Facebook की ओर से आयोजित एक event में हिन्दी में ही communicate किया जबकि उस event को Facebook founder Mark Zuckerberg English में host कर रहे थे। इस तरह मोदी ने हिन्दी में communicate करने को एक अलग मुकाम पर पहुंचा दिया है। यह हम हिन्दी भाषियों के लिए proud moment में से एक है। हिन्दी को लेकर कुछ ऐसे ही facts है जो simply इसे amazing बनाते हैं, जिन्हें नीचे दिया गया है- पूरे विश्व में 500 मिलियन से भी ज्यादा लोग हिन्दी बोल और समझ सकते हैं। जो इसे विश्व की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक बनाता है। हिन्दी 40 प्रतिशत से ज्यादा भारतीयों की mother tongue है। भारत में आज के समय बोली जाने वाली हिन्दी को Modern Standard Hindi या मानक हिन्दी कहा जाता है। हिन्दी संस्कृत का अपभ्रंश है। संस्कृत ...
1. तैरता हुए डाकघर: भारत में डाक का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जहां 1,55,015 डाकघर हैं. एक अकेला डाकघर लगभग 7,175 लोगों की मदद हेतु तत्पर रहता है. देश के ऐसे डाकघर में श्रीनगर के डल झील का डाकखाना भी शामिल है. यह तैरता हुआ डाकघर है और इसकी शुरुआत साल 2011 में हुई थी. 2. कुंभ मेले की भीड़ अंतरिक्ष से भी दिखती थी साल 2011 में संगम के तट पर आयोजित कुंभ मेले में पूरी दुनिया की ऐसी भीड़ जुटी थी कि इस भीड़ को अंतरिक्ष से भी देखा गया था. है न हैरानी वाली बात? 3. दुनिया में सबसे अधिक बारिश वाली जगह भारत में है भारत के मेघालय प्रांत के खासी पहाड़ियों पर स्थित मौसिनराम नामक जगह में इतनी बारिश होती है कि एक आम आदमी इनकी कल्पना तक नहीं कर सकता. इससे पहले यह रिकॉर्ड मेघालय के चेरापूंजी के नाम था. 4. बांद्रा-वर्ली समुद्री जोड़ में पृथ्वी के व्यास के बराबर स्टील लगा है इस पुल को बनाने में 2,57,00,000 मानवीय घंटे लगे और इसका कुल भार 50,000 अफ्रीक हाथियों हाााााााााााााााा के bराबर है. यह मानव कला का बेजोड़ नमूना है. 5. दुनिया का सबसे ऊंच...
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